पर्वत विकास और संरक्षण सोसायटी (एसएमडीसी) की ओर से आयोजित कार्यशाला में राज्य के पहाड़ी शहर एवं उनकी समस्याओं पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने प्रमुख पर्यावरणीय मुद्दों के बारे में बताते हुए जलवायु परिवर्तन पर चर्चा की और इसके समाधान के सुझाव दिए। बुद्धिजीवी और जन सरोकारों से जुड़े लोगों का आह्वान किया कि वह इसके समाधान के लिए आगे आएं। एचआरडीसी हर्मिटेज में आयोजित कार्यशाला ने वक्ताओं ने कहा कि पर्वतीय इलाके कई समस्याओं से जूझ रहे हैं जिसके भविष्य की तस्वीर और भयावह है। इनमें मुख्य रूप से वाहनों का बढ़ता दबाव, अनियंत्रित व अनियोजित विकास, अनियंत्रित पर्यटन का प्रभाव और इन सबके बढ़ते स्वरूप से जलवायु परिवर्तन की चुनौती है। वृहद पैमाने पर पौधरोपण व उनका संरक्षण, महिलाओं और समाज के गरीब वर्गों पर ध्यान केंद्रित करते हुए मशरूम की खेती, फूलों की खेती सरीखी आजीविका सृजन, व्यवस्थित पर्यटन, लोक उत्पादों को बढ़ावा देने, जल संरक्षण के लिए पारंपरिक और वैज्ञानिक तकनीक के उपयोग करने आदि सुझाव दिए गए। सभी ने जलवायु परिवर्तन के लिए जागरूकता कार्यक्रमों की शृंखला आयोजित करने का सुझाव दिया। पूर्व विधायक डॉ. नारायण सिंह जंतवाल, प्रो.ज्योति जोशी, डॉ. श्रुति साह ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। प्रो. अशीष तिवारी, एसपी डॉ. जगदीश चंद्र, प्रो. ज्योति जोशी, हरीश राणा, दिग्विज सिंह बिष्ट आदि ने विचार रखे। यहां महासचिव वेद साह, अंजू जगाती, डॉ.बीना तिवारी, प्रो.ललित तिवारी आदि रहे।