हरिद्वार में नशा मुक्ति के प्रति जन जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक विशाल रैली का आयोजन किया गया। यह रैली जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से निकाली गई, जिसमें सैकड़ों लोग शामिल हुए। रैली को जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और जिला जज ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस रैली में स्कूली छात्र-छात्राओं, पुलिस कर्मियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के सदस्य शामिल हुए। सभी का उद्देश्य था समाज में नशे के प्रति जागरूकता फैलाना और नशे पर रोक लगाने के लिए लोगों को प्रेरित करना। इस दौरान सभी ने नशे के खिलाफ संदेश दिया और इसे रोकने के लिए सक्रियता से काम करने की बात की।
रैली का मार्ग ऋषिकुल से शुरू होकर गोविंद घाट तक था, जो हरिद्वार के प्रमुख स्थलों से गुजरते हुए एक बड़ा संदेश देता है। इन स्थानों पर हर साल हजारों श्रद्धालु आते हैं, और रैली के माध्यम से उन्हें भी नशे के खिलाफ जागरूक किया गया।
इस तरह के अभियानों से यह उम्मीद जताई जा रही है कि नशे के खिलाफ समाज में एक मजबूत जन आंदोलन खड़ा होगा। प्रशासन और विभिन्न सामाजिक संगठनों का यह प्रयास काफ़ी सराहनीय है, और यह न केवल हरिद्वार बल्कि पूरे राज्य में नशा मुक्त समाज की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
समाज के सभी वर्गों को नशे के नुकसान और इसके रोकथाम के उपायों के बारे में जागरूक करने के लिए इस तरह के आयोजनों का महत्व लगातार बढ़ रहा है।