सोशल मीडिया पर मौलाना अब्दुल लतीफ का एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था। जिसमें वह यह कहते हुए सुना जा रहा कि बद्रीनाथ धाम मुसलमानों का है। वह इसे बदरुद्दीन शाह की मजार बताया था। मौलाना के इस भड़काऊ बयान के बाद बदरीनाथ थाने में 2021 में मामला दर्ज हुआ था। 2023 में आरोप पत्र न्यायिक मजिस्ट्रेट ज्योर्तिमठ के न्यायालय में आरोप पत्र पेश हुआ था। जिसमें 30जनवरी 2026 में दोष मुक्त किया गया। जिसमें अभियोजन पक्ष साक्ष्य पेश नहीं कर पाया और न्यायालय ने दोष मुक्त कर दिया है।