रविवार 27 सितंबर को विश्व नदी दिवस और विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर नमामि गंगे ने विश्व के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल नमो घाट पर सांस्कृतिक पर्यटन की जननी व वैश्विक जनमानस को एक सूत्र में बांधने वाली मां गंगा के निर्मलीकरण का संकल्प दिलाकर संदेश दिया कि "नदियां स्वच्छ होंगी तो पर्यटन बढ़ेगा"। नमो घाट के गंगा तट की सफाई करके नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक व नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला ने जनमानस से आह्वान किया कि स्वच्छ नदियाँ पर्यटकों को आकर्षित करती हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन उद्योग में तेज़ी आती है और साथ ही पर्यावरण संतुलन बना रहता है। नदियों के साफ रहने से पर्यटकों को आकर्षित करने में मदद मिलती है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है। गंगा सेवक राजेश शुक्ला ने नमामि गंगे की स्वयंसेवी टीम के साथ लोगों को जागरुक करते हुए कहा कि नदियों के बिना किसी भी सभ्यता का विस्तार नहीं हो सकता है और गंगा नदी भारत की सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है जो राष्ट्र को एक सूत्र में बांधने का काम करती है। मां गंगा के बिना भारतीय सभ्यता और पर्यटन अधूरा है। गंगा जी में पर्यटन या तीर्थाटन के दौरान एक ज़िम्मेदार पर्यटक होने का परिचय दें। आइए, हम गंगा शपथ उठाएं कि गंगा में यात्रा के दौरान कसी प्रकार का कूड़ा-कचरा नहीं डालेंगे। आयोजन के दौरान अविनाश तिवारी, रुचि पाठक, गोल्डी पाठक, अविनाश पाठक , विशाल भारद्वाज एवं सैकड़ो की संख्या में पर्यटक शामिल रहे।