जिले भर में बुधवार को गाजे-बाजे के साथ मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन जुलूस निकाला गया। इस दौरान युवाओं व महिलाओं ने जमकर अबीर-गुलाल उड़ाया और डीजे की धुन पर जमकर थिरके। दोपहर से शुरू हुआ प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला रात तक जारी रहा। इकौना क्षेत्र में कई प्रतिमाओं का मंगलवार को विसर्जन किया गया। लक्ष्मननगर में अनोखी परंपरा देखने को मिली, पूजन समिति ने डीजे छोड़ कर ब्रास बैंड की धुन पर विसर्जन शोभायात्रा निकाली। भिनगा कस्बे व आसपास रखी प्रतिमाओं का विसर्जन दोपहर बाद शुरू हो गया। सभी प्रतिमाओं को राप्ती नदी के भकला घाट ले जाया गया और विसर्जन किया गया। देर शाम तक भिनगा कस्बे में डीजे की धुन पर युवा नाचते रहे और अबीर-गुलाल उड़ाते रहे। जमुनहा तहसील क्षेत्र के तुलसीपुर बाजार स्थित रामजानकी मंदिर के पूजा पंडाल में स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमा सहित मनिहार तारा, चौंगोई, फुलवरिया शाहपुर, ददौरा, गलगलकोटिया, उत्तमापुर और पुरखियापुर की प्रतिमाओं का विसर्जन सोनवा थाना क्षेत्र के अडराई गांव के स्थित सरयू मुख्य नहर में किया गया। इसके अलावा बहराइच जिले के रिसिया थाना क्षेत्र के पटना घुसयारी, अमवा, कदियापुर, अचरौरा और दरगाह थाना क्षेत्र के जौहरा बुजुर्ग की प्रतिमाएं भी इसी विसर्जन स्थल पर विसर्जित की गईं। हरदत्तनगर से शोभा यात्रा जंगल दास बाबा से शुरू हुई। गिरंट बाजार स्थित हनुमान मंदिर, फौजदार बाबा मंदिर, जमुनहीं, मिर्जापुर, जयपत्तरपुरवा स्थित समय माता मंदिर, सुजानडीह, सिटकहना कुट्टी, तेंदुआ बराव आदि की प्रतिमाओं का जंगलदास कुट्टी के पास भकला नाला में विसर्जन किया गया। जमुनहा बाजार की प्रतिमाओं का विसर्जन बूढ़ी राप्ती नदी में किया गया। सिरसिया क्षेत्र में डोमाई गांव से शोभायात्रा निकाली गई जो कौवापुर नाला में विसर्जित की गई। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। सोनवा थाना क्षेत्र के लक्ष्मननगर में नवदुर्गा पूजा समिति ने दुर्गा प्रतिमा विसर्जन अनोखे अंदाज में किया। समिति की ओर से डीजे का बहिष्कार कर इसके स्थान पर ब्रास बैंड, ढोल-नगाड़ों की धुन पर मां दुर्गा की प्रतिमाओं को विसर्जित किया गया। भंगहा मोड़ स्थित राप्ती नदी में मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन किया गया।