फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

VIDEO: गांधी स्मारक की बदहाली पर छलका छात्रों का दर्द, बोले- गांधी चबूतरे पर छत तक नहीं

लालगंज (रायबरेली)। गांधी जयंती से पहले छात्र-छात्राओं ने महात्मा गांधी के विचारों को याद किया। कहा कि आजादी के दशकों बाद भी गांधी के विचार प्रासंगिक हैं। साथ ही नगर के इकलौते गांधी स्मारक गांधी चबूतरे की बदहाली पर चिंता जताई। छात्रों ने कहा कि गांधी चबूतरे पर स्थापित प्रतिमा खुले में है। उसके ऊपर छत तक नहीं है। प्रतिमा धूप, बारिश और मौसम की मार झेल रही है। स्मारक की मौजूदा स्थिति लोगों को आहत करती है। बैसवारा डिग्री कॉलेज की b.a की छात्रा उपासना ने कहा कि गांधी देश के महान संत थे। उनके प्रयासों से देश को आजादी की लड़ाई को नई दिशा मिली। उनके स्मारक की दुर्दशा देखकर दुख होता है। निकिता त्यागी ने बताया कि शिक्षकों से उन्हें जानकारी मिली है कि वर्ष 1946 में गांधी जी लालगंज भी आए थे। इसी स्मृति से गांधी चौराहे पर गांधी चबूतरा स्थापित है। उन्होंने कहा कि दो अक्टूबर को छात्र वहां पहुंचकर श्रद्धांजलि देंगे। स्वाति और श्रेया चौधरी ने कहा कि गांधी के विचार आज भी प्रासंगिक हैं। उन्हें केवल दो अक्टूबर या राष्ट्रीय पर्वों पर याद करने के बजाय उनके त्याग और आदर्शों को जीवन में उतारना चाहिए। इस मौके पर शिक्षक सूर्यप्रकाश शुक्ला और संजीव कुमार बाजपेई ने भी छात्रों को गांधी के आदर्शों पर चलने के लिए प्रेरित किया।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें