रायबरेली में लालगंज कोतवाली क्षेत्र के भवानीपुर गांव में 15 वर्षीय किशोरी की मौत के मामले में परिजनों का आक्रोश थम नहीं रहा है। मुकदमे में धाराएं बढ़ाने और मुआवजा देने की मांग को लेकर परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस परिजनों को समझाने और स्थिति सामान्य करने में जुटी रही। खबर लिखे जाने तक परिजनों और पुलिस के बीच सहमति नहीं बन सकी थी। मृतका की मां कुंती का आरोप है कि उनकी बेटी को अगवा कर उसके साथ दुष्कर्म किया गया और फिर हत्या कर शव फेंक दिया गया। परिजनों का कहना है कि पुलिस मामले को दुर्घटना बता रही है, जबकि वे इसे दुष्कर्म के बाद हत्या का मामला मान रहे हैं। उन्होंने मामले में उचित कार्रवाई करते हुए मुकदमे में धाराएं बढ़ाने और आर्थिक सहायता देने की मांग की है। गांव निवासी राममिलन की 15 वर्षीय बेटी लालती का शव शनिवार देर रात डलमऊ रोड पर बांदा-बहराइच मार्ग स्थित ओवरब्रिज के पास क्षत-विक्षत अवस्था में मिला था। घटना के बाद से ही परिजन पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट हैं। अब मांगें पूरी होने तक अंतिम संस्कार नहीं करने की बात पर अड़े हैं। इससे गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है। मामले की सूचना पर कोतवाल प्रमोद कुमार सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों से बातचीत कर उन्हें समझाने और स्थिति सामान्य करने का प्रयास किया। पुलिस का कहना है कि मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। परिजनों से बातचीत की जा रही है और उनकी मांगों के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।