श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव के द्वितीय दिवस कथा व्यास सत्य देवानंद महाराज ने ध्रुव प्रसंग और शुकदेव पूजन का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि पांच वर्ष की आयु में ध्रुव ने भगवान नारायण की भक्ति का संकल्प लिया और छह माह कठोर तपस्या कर भगवान विष्णु के दर्शन प्राप्त किए।