अदवा नदी में आई बाढ़ और भीषण बारिश से कोटार धाम जाने वाला रपटा दोनों तरफ क्षतिग्रस्त हो गया था। इससे नदी के मध्य टीले पर विराजमान भगवान शिव-पार्वती के धाम तक पहुंचने में परेशानी हो रही थी। बार-बार शिकायत के बावजूद मरम्मत नहीं होने पर ग्रामीणों और भक्तों ने श्रमदान किया। मिट्टी और गिट्टी डालकर रपटे को आवागमन के लिए चालू कराया।