यूएई में फंसे एक जहाज पर ड्रोन से हमले में कानपुर के नितिन शुक्ला समेत 22 लोग घायल हो गए। नितिन मर्चेंट नेवी में चीफ इंजीनियर हैं। परिवार का दावा है कि हमले से पहले जहाज हटाने की धमकियां मिल रही थीं। दो बार हुए ड्रोन हमले के बाद जहाज पूरी तरह तबाह हो गया। हमले की रात नितिन समेत जहाज पर मौजूद लोगों को लाइफ बोट में रात गुजारनी पड़ी। अब परिवार की गुहार है कि नितिन को जल्द से जल्द सुरक्षित भारत लाया जाए। कानपुर के श्याम नगर निवासी नितिन शुक्ला पिछले 22 साल से मर्चेंट नेवी में सेवाएं दे रहे हैं। वह लखनऊ की फ्लीटिंग शिपिंग कंपनी में चीफ इंजीनियर हैं। परिवार के मुताबिक, जून में वह यूएई के हलजल जीरा द्वीप पर तेल लेने गए थे। 9 अक्टूबर की शाम करीब साढ़े पांच बजे उनके जहाज पर हमला हुआ। नितिन के पिता राजेश शुक्ला के मुताबिक, पहले ड्रोन हमले के दौरान जहाज पर मौजूद लोगों ने आग पर काबू पाया। दूसरे हमले से पहले सभी लोग सुरक्षित जगह पहुंचकर लाइफ बोट में चले गए। इसके बाद हुए हमले में जहाज पूरी तरह तबाह हो गया। परिवार का कहना है कि पिछले दो-तीन दिनों से जहाज हटाने की धमकियां मिल रही थीं। बेटे की सलामती की खबर के बीच परिवार अब उसकी सुरक्षित वतन वापसी की राह देख रहा है। नितिन की पत्नी अंकिता बाजपेई प्राइमरी स्कूल में शिक्षिका हैं। परिवार में दो बच्चे भी हैं। पिता राजेश शुक्ला ने जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मदद की अपील की है। उनका कहना है कि अब तक जिला प्रशासन की ओर से परिवार से संपर्क नहीं किया गया है।