गंगा नदी एक बार फिर खतरे के निशान (113 मीटर) की ओर रही है। इसका जलस्तर सोमवार शाम छह बजे तक 112.380 मीटर पहुंच गया है। नगर और ग्रामीण क्षेत्र के गांव- मोहल्ले फिर से बाढ़ की चपेट में आ गए है। यहां रहने वाले लोगों को काफी दिक्कतें हो रही है। उनका आवागमन नावों से हो रहा है। जिला प्रशासन की ओर से सोमवार को पांच नाव और बढ़ाई गई हैं। कुल 27 नावों से लोगों की मदद की जा रही है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार रविवार शाम छह बजे गंगा नदी का जलस्तर 112.140 मीटर था जो सोमवार शाम छह बजे बढ़कर 112.380 मीटर पर पहुंच गया। 24 घंटे में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। आयोग के अनुसार प्रति घंटे एक सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हो रही है। यह बीते दिनों लगातार पहाड़ी क्षेत्रों में हुई बारिश के कारण हो रहा है। पश्चिमी गंगाघाट के मोहल्ला कर्बला, हुसैन नगर, शाही नगर, गोताखोर मोहल्ला, चंपापुरवा, तेजीपुरवा, मनसुखखेड़ा, श्रीनगर, मालवीय नगर, ब्रह्मनगर कटरी समेत 12 मोहल्ले व पीपरखेड़ा, गगनीखेड़ा, फत्तेखेड़ा, अखलाख नगर, 12 बीघा गांव, रतिराम पुरवा समेत दस गांवों में पानी घुस चुका है। स्थानीय लोगों ने बताया कि जलस्तर बढ़ने से उनके घर पानी से घिर गए है। निचले तलों पर पानी भर जाने से लोग ऊपरी तल पर और छतों पर गुजर बसर करने को मजबूर है। लेखपाल प्रशांत अवस्थी ने बताया कि सोमवार को भातू फार्म, अली नगर, गायत्री नगर, आजाद नगर में पांच नाव और बढ़ाई गई है। साकेतुपरी, सरैया में भी नाव लगाई गई है।