सदर तहसील में आयोजित पिंक समाधान दिवस में अव्यवस्थाएं हावी रहीं। व्रत के बावजूद पहुंचतीं समूह की महिलाएं दोपहर तक स्टॉल लगाने के लिए जगह तलाशती रहीं। उन्हें बैठने तक का इंतजाम नहीं मिला। पंडरीकृपाल की मीना, मुजेहना की सुमन मौर्य, झंझरी की सावित्री और रुपईडीह की महिलाएं ने बताया कि अधिकारियों के बुलावे पर वे काम छोड़कर आई थीं। आने-जाने में 200 से 250 रुपये खर्च हुए, पर स्टॉल लगाने की जगह दोपहर बाद मिली। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने महिला हेल्प डेस्क और विभागीय स्टॉल लगाने के निर्देश दिए थे, फिर भी महिलाएं भटकती रहीं। एनआरएलएम के डीएमएम अंशुमान तिवारी ने बताया कि तहसील प्रशासन से समन्वय कर दोपहर बाद स्टॉल लगवाए गए। एसडीएम सदर जितेंद्र गौतम ने कहा कि वे आवश्यक कार्य से छुट्टी पर थे और तहसीलदार को जरूरी निर्देश दिए गए थे।