एटा। ग्राम इशारा स्थित सिद्धेश्वर मंदिर पर चल रही रामलीला देर रात कलाकारों ने शानदार अभिनय से दर्शकों का मन मोह लिया। जब शूर्पणखा नाक कटने के बाद विलाप करती है तो पूरा पंडाल श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा व्यास शैलेश चतुर्वेदी ने बताया कि रामलीला का उद्देश्य नई पीढ़ी को भगवान राम के आदर्शों और भारतीय संस्कृति से जोड़ना है। रामलीला में दिखाए गए दृश्य केवल मंचन नहीं, बल्कि जीवन जीने की सीख देते हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले दिन राम विलाप, शबरी मिलन,सुग्रीव मित्रता बाली वध तक की लीला दिखाई जाएगी मेला अध्यक्ष मुनेन्द्र सिंह चौहान ने बताया कि इशारा के सिद्धेश्वर मंदिर पर यह मेला और रामलीला कई दशकों से निरंतर चली आ रही है। इस वर्ष 70वां वार्षिकोत्सव बड़े उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। यहां दूर-दराज से श्रद्धालु दर्शन मंदिर पर दर्शन करने आते हैं। और साथ में रात्रि में चल रही रामलीला को भी देखने आते है इस मौके पर राजेश चतुर्वेदी,राजकुमार सिंह चौहान,आर बी दुबे, विजय चतुर्वेदी,विकाश चौहान, सुदेश कुमार,शिवनाथ सिंह भदौरिया,धीरेंद्र सिंह,हृदेश सिंह चौहान,चंद्र प्रकाश सिंह चौहान,मुकेश चौहान,धर्मेंद्र चौहान, सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।