चंदौली में स्पेशल टीईटी में शिक्षामित्रों को शामिल करने, सुपर टीईटी में छूट देकर शिक्षक पद पर समायोजित करने समेत छह सूत्रीय मांगों को लेकर सोमवार को शिक्षामित्रों ने बिछियां धरनास्थल पर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान शिक्षामित्रों ने सरकार से लंबित मांगों पर जल्द निर्णय लेने की मांग की। धरने के बाद मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के प्रतिनिधि तहसीलदार सदर और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को सौंपा गया। शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष इंद्रजीत यादव अजीत ने कहा कि संगठन के लगातार प्रयास और सरकार से संवाद के बाद मानदेय में बढ़ोतरी के साथ शिक्षामित्रों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ मिल रहा है। हालांकि, कई महत्वपूर्ण मांगें अभी भी लंबित हैं। उन्होंने कहा कि टीईटी उत्तीर्ण करने के साथ एनसीटीई के मानक पूरे करने वाले करीब 60 हजार शिक्षामित्रों को सुपर टीईटी से छूट देकर विद्यालयों में शिक्षक पद पर समायोजित किया जाना चाहिए। उन्होंने तीन जनवरी 2025 को जारी स्थानांतरण आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने की भी मांग की। कहा कि शिक्षामित्रों की योग्यता और लंबे अनुभव को देखते हुए सेवानिवृत्ति की आयु 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष की जाए। शिक्षामित्रों ने परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के लिए आयोजित होने वाली स्पेशल टीईटी परीक्षा में उन्हें भी शामिल होने का अवसर देने की मांग की। इसके अलावा 11 माह के स्थान पर 12 माह का मानदेय देने की मांग उठाई गई। जिलाध्यक्ष ने कहा कि समायोजन रद्द होने के बाद कई शिक्षामित्रों की असामयिक मृत्यु हो चुकी है। ऐसे परिवारों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए पीड़ित आश्रित परिवारों को आर्थिक सहायता देने के साथ परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की व्यवस्था की जाए।