बदायूं जिले की इस्लामनगर नगर पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना में घोटाले की आशंका जताई गई है। दो साल में 1028 से अधिक आवास स्वीकृत किए गए, जिसमें से महज तीन सौ आवासों को सही बताया जा रहा है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि सही से जांच हुई तो तहसील, नगर पंचायत व डूडा के कई बड़े अधिकारियों और कर्मियों पर कार्रवाई हो सकती है। आईजीआरएस व अन्य माध्यमों से डीएम से लेकर आयुक्त से मिलकर की गईं शिकायतों पर जब ध्यान नहीं दिया गया तब इस पर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई। इसमें 18 करोड़ रुपये से ज्यादा का घोटाला होने की आशंका जताई गई है।