ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी ने शुक्रवार को बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय के साथ ही सभी समुदाय को धार्मिक आजादी दी गई है। अगर समान नागरिक संहिता द्वारा धार्मिक आजादी को छीनने की कोशिश होगी, तो ये देश हित में नहीं होगा। मुसलमानों का मानना है कि यूसीसी शरीयत में मुदाखलत (हस्तक्षेप) करता हुआ कानून है, इसलिए इसको लागू न किया जाए। अगर लागू किया जाता है, तो इस पर अमल करने के लिए मुसलमानों को मजबूर न किया जाए।