श्रीराम मंदिर की व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए मंदिर परिसर और ट्रस्ट की विभिन्न व्यवस्थाओं में तैनात कर्मियों की स्क्रीनिंग शुरू कर दी गई है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) जितेंद्र मिश्र के स्तर से मंदिर और ट्रस्ट की व्यवस्थाओं में लगे कर्मचारियों का बायोडाटा मांगा गया है। इसके आधार पर कर्मियों की पृष्ठभूमि, कार्य अनुभव और वर्तमान जिम्मेदारियों का परीक्षण किया जा रहा है। राममंदिर परिसर में करीब एक हजार से अधिक कर्मचारी तैनात हैं। ये सभी कर्मचारी विभिन्न व्यवस्थाओं को देख रहे हैं। सूत्रों के अनुसार स्क्रीनिंग में कर्मियों की शैक्षिक योग्यता, पूर्व कार्य अनुभव, वर्तमान पद और जिम्मेदारी, संबंधित विभाग में तैनाती तथा पूर्व संस्थान/नौकरी से जुड़े विवरण को देखा जा रहा है। जरूरत के अनुसार उपलब्ध दस्तावेजों और रिकॉर्ड से भी विवरण का मिलान कराया जा रहा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि संवेदनशील धार्मिक परिसर की अलग-अलग व्यवस्थाओं में जिम्मेदारी संभाल रहे कर्मियों की भूमिका और पृष्ठभूमि स्पष्ट रूप से ट्रस्ट के रिकॉर्ड में दर्ज हो। राम मंदिर में बड़ी संख्या में कर्मचारी अलग-अलग व्यवस्थाओं से जुड़े हैं। इनमें दान और चढ़ावा व्यवस्था, गणना कक्ष, यात्री सुविधाएं, प्रशासनिक कार्य सुरक्षा से संबंधित समन्वय और अन्य व्यवस्थाओं में लगे कर्मचारी शामिल हैं। स्क्रीनिंग के दौरान यह भी देखा जा रहा है कि किस कर्मचारी के पास किस तरह की जिम्मेदारी है और वह कितने समय से उस व्यवस्था में काम कर रहा है।