श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में शामिल किए गए मदन मोहन पांडे ने कहा कि ट्रस्ट की ओर से जो भी जिम्मेदारी दी जाएगी, उसे वह सेवा भाव से निभाएंगे। वर्ष 1994 से श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े रहे उन्हानें राम मंदिर के केस में लगातार पैरवी किया । वरिष्ठ अधिवक्ता मदन मोहन पांडे को राष्ट्रीय सम्मान से भी सम्मानित किया जा चुका है। ट्रस्ट में शामिल किए जाने के बाद बातचीत में उन्होंने कहा कि अभी उन्हें शामिल किया गया है यह जानकारी हुई है। उन्हें आज ही ट्रस्ट में सदस्य बनाए जाने की जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट में सभी सदस्यों की संयुक्त जिम्मेदारी होती है और जो भी दायित्व मिलेगा, उसका निर्वहन करेंगे। राम मंदिर से जुड़े अदालती संघर्ष को याद करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने राम जन्मभूमि के पक्ष में फैसला सुनाया। इससे पहले हाईकोर्ट में भी राम जन्मभूमि पक्ष की जीत हुई थी, लेकिन हाईकोर्ट ने भूमि का एक-तिहाई हिस्सा अन्य पक्षों को भी दिया था। इसके खिलाफ चुनौती दी गई थी। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने पूरा विवादित परिसर रामलला के पक्ष में देने का फैसला किया। मंदिर में चढ़ावे की रकम में चोरी के मामले पर उन्होंने कहा कि चोरी कैसे और किस तरह हुई, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। इस मामले से उनका कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि कार्रवाई चल रही है और लोगों को जेल भेजा गया है, आगे की स्थिति जांच और कार्रवाई से स्पष्ट होगी।