हनुमत भवन से राजघाट तक प्रभु श्रीराम (या ठाकुर जी) की नौका विहार यात्रा एक अत्यंत पावन और भव्य पारंपरिक धार्मिक आयोजन किया गया है, जिसे स्थानीय स्तर पर बड़े उल्लास के साथ मनाया जाता। इस उत्सव के दौरान भगवान के विग्रह को एक सुसज्जित पालकी या रथ में हनुमत भवन से गाजे-बाजे और संकीर्तन के साथ सरयू नदी के तट (राजघाट) तक लाया जाता है। नौका विहार: राजघाट पहुंचने के बाद, प्रभु को विशेष रूप से फूलों से सजी नाव (नौका) में विराजमान कराया जाता है, जहां वे सरयू नदी की पावन धाराओं में नौका विहार करते हैं। इस दौरान पुजारी हरिराम शरण, पुजारी महेश शरण , रणवीर, अवधेश, अशोक व अन्य मौजूद रहे।