अयोध्या के रुदौली तहसील क्षेत्र में सरयू नदी की कटान ने पटरंगा माझां गांव के 15 परिवारों को बेघर कर दिया है। कटान में घर और खेत नदी में समा गए हैं। प्रभावित परिवार जरूरी सामान लेकर सुरक्षित स्थान पर छप्पर डालकर रहने को मजबूर हैं। घरों के पास लगे हैंडपंप भी नदी में समा जाने से पेयजल का संकट बना हुआ है। सरयू की तेज धारा और कटान के बीच अमर उजाला की टीम मंहगू पुरवा से नाव के जरिए पटरंगा माझां गांव पहुंची। ग्रामीणों का कहना है कि कटान से घर उजड़ने के बावजूद अब तक कोई अधिकारी या जनप्रतिनिधि गांव तक नहीं पहुंचा है। गांव की स्थिति मौके पर बेहद कठिन नजर आई। ग्रामीण रामनायक, बंधू और राजेंद्र ने बताया कि नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद कटान तेज हुई और देखते ही देखते 15 परिवारों के घर नदी में समा गए। घर-गृहस्थी का सामान लेकर सुरक्षित स्थान पर छप्पर डालकर रह रहे हैं। शाम होते ही अंधेरा छा जाता है। रोशनी की कोई व्यवस्था नहीं है। महिलाएं अंधेरा होने से पहले ही खाना बना लेती हैं। रात में सांप-बिच्छू का खतरा बना रहता है। छोटे बच्चों को लेकर सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। ग्रामीणों के अनुसार गांव में कई बुजुर्ग महिलाएं और बच्चे बुखार से पीड़ित हैं। उनका आरोप है कि दवा का वितरण नहीं किया गया। तहसील प्रशासन की ओर से दो बार राशन सामग्री और पशुओं के लिए भूसा दिया गया है, लेकिन सभी प्रभावित परिवारों को राशन नहीं मिला। एमपी सिंह, राहुल सिंह, शिव कुमार यादव, रक्षाराम यादव, राम कुमार निषाद, राम हेतु यादव और नेकपाल यादव ने राशन सामग्री नहीं मिलने की बात कही है।ग्रामीणों ने प्रभावित परिवारों के लिए सोलर लाइट लगवाने, नदी में समा चुके खेतों का सर्वे कराने और नियमानुसार मुआवजा दिलाने की मांग की है। एसडीएम विनोद कुमार गुप्ता ने बताया कि पटरंगा माझां गांव में लेखपाल से जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रभावित लोगों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।