हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में रविवार को आयोजित अमर उजाला संवाद में हिंदी भाषा के जानकारों ने हिंदी की स्थिति, बदलते स्वरूप और भविष्य को लेकर विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि हिंदी का दायरा लगातार बढ़ रहा है, लेकिन इसे रोजगार से जोड़ने और बुनियादी शिक्षा में मजबूत करने की जरूरत है। वक्ताओं ने कहा कि मातृभाषा पूजनीय है, बाकी भाषाएं सम्माननीय। हिंदी किसी भाषा की विरोधी नहीं, बल्कि दूसरी भाषाओं के शब्दों को भी अपने भीतर समेटकर आगे बढ़ने वाली भाषा है।