शब्दों की जगह इशारे... खिलौनों की ओर ज्यादा आकर्षण... अपनी ही दुनिया में व्यस्त रहने की आदत। बच्चों में दिखने वाले ऐसे संकेतों को नजरअंदाज करने के बजाय समय रहते विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है। ऐसे संकेतों वाले बच्चों की बीमारी को ऑटिज्म कहते हैं। इन बच्चों की खामोशी जेएन मेडिकल कॉलेज के डिस्ट्रिक्ट अर्ली इंटरवेंशन सेंटर (डीईआईसी) में खास थेरेपी से तोड़ी जा रही है।