आगरा केबटेश्वर एवं शौरीपुर के बीच यमुना के टीले पर महाभारत कालीन राजमाता मंदिर स्थित है। इतिहासकार डॉ. शिवशंकर कटारे कहते हैं कि महाभारत कालीन राजमाता मंदिर पर शारदीय एवं चैत्र नवरात्र में आस्था एवं भक्ति का संगम दिखता है। बटेश्वर के जैन मंदिर से राजमाता मंदिर तक उतार-चढ़ाव एवं घुमावदार बीहड़ी रास्ते पर सीसी मार्ग बना है। अमर उजाला की पड़ताल में बारिश में सीसी रोड कटने के गड्ढे दिखे। यमुना के टीले धसकने से जमा हुई सिल्ट में सीसी रोड का नामोनिशान तक नहीं बचा है। कटान में जलभराव से हुए दलदल में बाइक एवं लोडर तक फंस जाते हैं। सुबह 11 बजे बटेश्वर के जैन मंदिर से 50 मीटर की दूरी पर जूनियर हाईस्कूल एवं राजकीय हाईस्कूल विद्यालय के बीच में सीसी रोड कटा पड़ा है, कटान के गड्ढे में पानी एवं कीचड़ भरा है। राजमाता मंदिर में दर्शन पूजन को जा रहे जरार के निरंजन, गुलशन ने बताया कि हादसे का खतरा बना हुआ है। कॉलेज से लेकर चढ़ाई तक यमुना के टीले धसकने से सीसी मार्ग पर जमा हुई सिल्ट तक नहीं हटाई गई है। सिल्ट में दबे सीसी रोड का नामोनिशान तक नहीं दिखता है। ऊबड़-खाबड़ सिल्ट पर भी वाहन असंतुलित होकर गिर जाते हैं। सुबह 11.30 बजे मंदिर की ओर की चढ़ाई पर सीसी रोड 20 मीटर के अंतराल पर 2 जगह कट गई है। तीक्ष्ण कटान की बजह से दो पहिया वाहन के टायर फट जाते हैं। मंदिर में दर्शन पूजन कर लौट रहे ईंट का नगला गांव के राजनरायन ने बताया कि कटान की बजह से दो पहिया वाहन पलट जाते हैं। दोपहर 12 बजे मंदिर के पास की चढ़ाई पर सीसी रोड कटने से मिट्टी भर दी गई है। मंदिर के पुजारी रविन्द्र कुमार गोस्वामी ने बताया कि सीसी रोड दयनी हालत में है, कटान की बजह से मिट्टी जमा हो जाती है। कई जगह गहरा कटान हुआ है। मंदिर तक आने वाले श्रद्धालु एवं सामान लाने वाले वाहन पलटने से बाल बाल बचते हैं। मंदिर मार्ग के जीर्णोद्धार की स्थानीय लोगों ने कई बार शिकायत की है। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है।