आगरा के इरादतनगर में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही ने एक और मासूम की जान ले ली। सैंया क्षेत्र में एक झोलाछाप के इंजेक्शन लगाते ही पांच वर्षीय मानव ने तड़पकर दम तोड़ दिया। झोलाछाप अस्पताल बंद कर भाग निकला। परिजन के हंगामा करने पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की। वहीं पोस्टमार्टम में मौत की वजह स्पष्ट नहीं होने पर विसरा सुरक्षित रखा गया है। राजस्थान के धौलपुर जिले के नादौली की शाला निवासी दिनेश गोस्वामी के बेटे मानव को दो दिन से बुखार था। परिजन ने बताया कि शनिवार दोपहर करीब दो बजे दिनेश अपनी पत्नी आशा देवी के साथ बच्चे को अस्पताल ले गए। वे अहीर की गढ़ी पुलिया के पास झोलाछाप गबडू के अस्पताल पहुंचे थे। आरोप लगाया कि गबडू ने पहले बच्चे को बुखार उतारने का सिरप पिलाया। इसके 15-20 मिनट बाद उसे इंजेक्शन लगा दिया। इंजेक्शन लगते ही बच्चा तड़पने लगा और उसने मलमूत्र भी त्याग दिया। यह देखकर परिजन घबरा गए। झोलाछाप ने उन्हें इमरजेंसी ले जाने के लिए कहा। निजी अस्पताल में पहुंचने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर अरुण श्रीवास्तव ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने सैंया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी से भी रिपोर्ट तलब की है।