आगरा के खेरागढ़ तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में शनिवार को जिलाधिकारी मनीष बंसल ने जनसमस्याओं के निस्तारण में हीलाहवाली, फर्जीवाड़े और गैरहाजिरी पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने छह अफसरों का वेतन रोका और काम से भागने वाले लेखपालों को निलंबन की चेतावनी दी। समाधान दिवस में पहुंचीं कुल 101 शिकायतों में से 11 का मौके पर निस्तारण किया गया। जिलाधिकारी ने बैठक में खुद आने के बजाय प्रतिनिधि भेज देने पर जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, पीओ डूडा, बीएसए, अधिशासी अभियंता जल निगम, अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई और अधिशासी अधिकारी खेरागढ़ का एक दिन का वेतन रोक दिया। जमीन की पैमाइश, तालाब और चकरोड पर अवैध कब्जों की शिकायतों पर लेखपालों की क्लास ली। जिलाधिकारी ने कहा कि लेखपाल रोजाना गांव में बैठकर जनता की समस्याएं सुनें। जो ऐसा नहीं करेंगे उन्हें चिह्नित कर निलंबित कर दिया जाएगा। तहसील परिसर में रोहता गांव की गीता देवी का प्रकरण आया। जीवित महिला को कागजों में मृत दिखाकर जमीन पर बैंक से कर्ज ले लिया गया।