स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में आगरा ऐसे ही नहीं पिछड़ गया। मेट्रो के निर्माण कार्य के कारण सबसे ज्यादा संजय प्लेस में प्रदूषण बना हुआ है। बीते साल के मुकाबले धूल का गुबार तीन गुना से ज्यादा है। मानसून में 8 सितंबर को एक्यूआई 164 दर्ज किया गया जो बीते चार सालों में सबसे ज्यादा है। इसमें पार्टिकुलेट मैटर यानी पीएम 10 कणों की मात्रा सबसे ज्यादा है जो निर्माण कार्य और खुदाई के कारण बढ़ते है। दूसरी ओर निगरानी के लिए लगाए गए स्मार्ट सिटी के 39 में से 12 पर्यावरण सेंसर ही खराब हैं। मेट्रो ने सदर के अल्लाबख्श और राजामंडी में लगे सेंसर हटवा दिए। मानसून के इस मौसम में मंगलवार को पीएम कणों की मात्रा 271 तक दर्ज की गई। यह अधिकतम है और बारिश में 50 से 70 के बीच ही दर्ज की जाती है। संजय प्लेस में यह 171 तक औसत बनी रही, जिसका असर वायु गुणवत्ता पर पड़ा है।