उपमंडल रोहड़ू के गवास में देवता गुडारू महाराज के सानिध्य में आयोजित शांत महायज्ञ मेहमान देवताओं की विदाई रस्म उछड़-पाछड़ के साथ मंगलवार को संपन्न हो गया। इस दौरान देवताओं ने क्षेत्र में सुख समृद्धि का आशीर्वाद दिया। तीन दिनों तक चले पवित्र अनुष्ठान से हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। अनुष्ठान के पहले दिन से ही विभिन्न मेहमान देवताओं के साथ आए खूंदों ने अपने डेरों और मंदिर परिसर में ढोल नगाड़ों की थाप के साथ खूब जश्न मनाया। इसमें हथियारों से लैस खूंदो ने लोक नृत्य और देवनृत्य कर अनुष्ठान की रौनक बनाए रखी। इसका यहां पहुंचे हजारों लोगों ने जमकर आनंद लिया। शांत महायज्ञ में मेहमान देवताओं में जिगाह नाली के प्रमुख देवता जाबल नारायण, देवता गुडारू गांव डिस्वाणी, देवता गुडारू गांव थली, देवता गुडारू गांव छुपाडी, देवता पवासी गांव भौलाड़, बोठा महासू गांव अस्ताणी, पवासी देवता गांव भटवाड़ी के अलावा शेखल व रोहटान गांव से खूंद बतौर मेहमान मौजूद रहेगे। इसके अलावा परशुराम धगोली, गुम्मा, नंडला, चिउनी और खंशकडी के परशुराम विशेष रूप से अनुष्ठान में शामिल हुए। 38 साल बाद आयोजित शांत महायज्ञ में गवास सहित आसपास के सभी गांवों के हर घर में मेहमानों की खूब आवभगत हुई। इस दौरान मंदिर कमेटी की ओर से सामूहिक लंगर का भी इंतजाम किया गया। मंदिर कमेटी के मोतमीन बिशंबर सिंह ठाकुर ने अनुष्ठान में सहयोगी बने सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उछड़-पाछड़ रस्म के साथ शांत महायज्ञ सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है।