राजधानी शिमला के संजौली क्षेत्र में एनएचएआई और संबंधित कंपनी की कार्यप्रणाली को लेकर सांसद सुरेश कश्यप ने कड़ा रुख अपनाया है। सांसद ने साफ कहा कि स्थानीय लोगों को विश्वास में लिए बिना कोई काम शुरू नहीं किया जाना चाहिए। संजौली क्षेत्र में पहुंचने के दौरान स्थानीय लोगों और क्षेत्र के प्रतिनिधियों की ओर से समस्याएं सांसद के सामने रखी गईं। इस दौरान एनएचएआई की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठाए गए। सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि किसी भी विकास कार्य को आगे बढ़ाने से पहले क्षेत्र के लोगों की समस्याओं और उनकी चिंताओं को समझना जरूरी है। उन्होंने एनएचएआई और संबंधित कंपनी से कहा कि लोगों को विश्वास में लेकर ही काम आगे बढ़ाया जाए। उनका कहना था कि विकास कार्य जनता की सुविधा के लिए होते हैं, इसलिए स्थानीय लोगों को परेशानी में डालकर काम नहीं किया जाना चाहिए। सांसद ने कहा कि वह इस मामले को दिल्ली में केंद्रीय मंत्री और सरकार के समक्ष उठाएंगे। इसके अलावा एनएचएआई के उच्च अधिकारियों से भी बातचीत की जाएगी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की समस्याओं को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाकर समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। सांसद ने कहा कि एनएचएआई के उच्च अधिकारियों के साथ बातचीत कर पूरे मामले की जानकारी ली जाएगी। इसके बाद लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। स्थानीय लोगों की ओर से भी उम्मीद जताई गई कि सांसद के हस्तक्षेप के बाद एनएचएआई और संबंधित कंपनी उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेगी और काम को लेकर उचित व्यवस्था बनाई जाएगी।