जयपुर में गांधीनगर रेलवे स्टेशन के पास होटल में युवक प्रेमप्रकाश खींची की मौत के मामले में शुक्रवार को दूसरे दिन भी परिजनों और अधिवक्ताओं का प्रदर्शन जारी रहा। कार्रवाई और मुआवजे की मांग को लेकर पहले परिजन बजाज नगर थाने के बाहर धरने पर बैठे। इसके बाद प्रदर्शनकारी टोंक रोड पर पहुंच गए और सड़क पर बैठकर जाम लगा दिया। करीब एक घंटे तक टोंक रोड जाम रहने से वाहनों की करीब चार किलोमीटर लंबी कतार लग गई।
समझाने पर फिर थाने के बाहर बैठे प्रदर्शनकारी
पुलिस के समझाने के बाद प्रदर्शनकारी दोबारा बजाज नगर थाने के बाहर धरने पर बैठ गए। इसी दौरान मामले में कार्रवाई नहीं होने से नाराज कुछ अधिवक्ताओं ने थाने में पहुंचकर हंगामा किया। प्रदर्शनकारियों ने युवक की मौत को हत्या बताते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की।
25 लाख मुआवजा और नौकरी पर बनी सहमति
एडिशनल डीसीपी ईस्ट पारस ने बताया कि प्रदर्शनकारियों से विराटनगर विधायक कुलदीप धनखड़ ने बातचीत की। बातचीत के दौरान मृतक के परिवार को 25 लाख रुपये का मुआवजा, डेयरी बूथ और परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी देने पर सहमति बनी। विधायक के आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारियों ने धरना समाप्त कर दिया। इसके बाद टोंक रोड और बजाज नगर थाने के बाहर यातायात सामान्य हो गया।
होटल के कमरे में मिला था युवक का शव
पुलिस के अनुसार, विराटनगर क्षेत्र के मेड गांव निवासी 32 वर्षीय प्रेमप्रकाश खींची का शव बुधवार शाम गांधीनगर रेलवे स्टेशन के पास स्थित ब्लू शाइन होटल के कमरे से मिला था। वह दो दिन पहले आगरा से जयपुर आया था। परिवार के मुताबिक, उन्हें उसके जयपुर आने की जानकारी नहीं थी। पुलिस को मौके से सुसाइड नोट भी मिला था। युवक के हाथ में कैनुला लगा हुआ था।
परिजनों ने उठाए कई सवाल, हत्या का आरोप
परिजनों ने प्रेमप्रकाश की मौत को हत्या बताते हुए कई सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि 30 सितंबर को प्रेमप्रकाश के चोट के निशान वाली फोटो उसके भाई के मोबाइल पर भेजी गई थी। इसके कुछ देर बाद सुसाइड नोट भी भेजा गया। होटल से संपर्क करने पर प्रेमप्रकाश के चेकआउट करने की जानकारी दी गई, लेकिन बाद में उसी कमरे से उसका शव मिला।
हाथ में कैनुला और ड्रिप लगाए जाने को लेकर भी अधिवक्ताओं ने सवाल उठाए हैं। हालांकि पुलिस फिलहाल पूरे मामले की जांच कर रही है। मौत के कारणों और घटनाक्रम से जुड़े सभी पहलुओं की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
अधिवक्ताओं ने परिवार के समर्थन में शुरू किया आंदोलन
प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ता घनश्याम गंगवान ने कहा कि उनके साथी विक्रम खींची के छोटे भाई की मौत के बाद परिवार न्याय के लिए संघर्ष कर रहा है। उन्होंने कहा कि गुरुवार से अधिवक्ता परिवार के समर्थन में आंदोलन कर रहे हैं। बार एसोसिएशन के महासचिव उमेश चौधरी, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के राजीव सोलंकी और अनवर हुसैन सहित कई अधिवक्ताओं ने परिवार के साथ खड़े होने की बात कही।
पत्नी बोलीं- बच्चे के लिए चाहिए इंसाफ
मृतक की पत्नी सोनिया खींची ने रोते हुए न्याय की मांग की। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने बच्चे के लिए इंसाफ चाहिए और पति की मौत के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। परिवार ने पहले एक करोड़ रुपये मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग रखी थी। फिलहाल प्रशासन और विधायक के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और मौत से जुड़े आरोपों तथा परिस्थितियों की पड़ताल की जा रही है।