राजस्थान के हालिया नगर निकाय चुनाव परिणामों को लेकर राष्ट्रीय हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय आमजन मोर्चा के राष्ट्रीय संयोजक विजय कौशिक ने भाजपा और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव परिणामों ने जनता के बदलते राजनीतिक रुझान का संकेत दिया है। उन्होंने दावा किया कि निर्दलीय प्रत्याशियों को करीब 31 प्रतिशत वोट मिले, जबकि भाजपा को करीब 35 और कांग्रेस को 34 प्रतिशत वोट मिले।
निर्दलीयों को 32 लाख से ज्यादा वोट मिलने का दावा
कौशिक ने कहा कि नगर निकाय चुनाव में कुल 1 करोड़ 6 लाख 16 हजार 428 वोट पड़े। भाजपा और कांग्रेस को छोड़कर अन्य प्रत्याशियों को 32 लाख 44 हजार 909 वोट मिले और 2,443 पार्षद विजयी हुए। भाजपा को 37 लाख 35 हजार 567 वोट और उसके 4,179 पार्षद विजयी हुए, जबकि कांग्रेस को 36 लाख 35 हजार 952 वोट तथा 3,613 पार्षद मिले। उन्होंने कहा कि नोटा को 1,09,523 वोट मिलना भी राजनीतिक दलों के लिए गंभीर संदेश है।
जनजागरण अभियान को बताया वजह
विजय कौशिक ने दावा किया कि राष्ट्रीय आमजन मोर्चा के जनजागरण अभियान के कारण युवाओं और जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर जागरूकता बढ़ी। उन्होंने कहा कि पिछले चुनाव में भाजपा का वोट प्रतिशत करीब 70, कांग्रेस का 14 और निर्दलीयों का 16 प्रतिशत बताया गया था, जबकि इस बार निर्दलीयों का आंकड़ा करीब 31 प्रतिशत तक पहुंचा है।
UGC रोलबैक को लेकर केंद्र से जवाब मांगा
यूजीसी रोलबैक के मुद्दे पर कौशिक ने केंद्र सरकार से अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को केवल प्रस्ताव के कानून नहीं बनने की बात कहने के बजाय यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह इसे वापस लेने के पक्ष में है या नहीं। महिपाल सिंह मकराना ने भी यूजीसी प्रस्ताव को लेकर समाज और युवाओं में असंतोष का दावा किया। वीरेंद्र सिंह राठौड़ ने सवाल उठाया कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत इतने दिनों तक यूजीसी मुद्दे पर चुप क्यों रहे।
बड़े नेताओं के क्षेत्रों के नतीजों का दिया हवाला
वक्ताओं ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के गृह जिले भरतपुर, वसुंधरा राजे के क्षेत्र झालावाड़, उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा के क्षेत्र फागी और अन्य प्रभावशाली नेताओं के क्षेत्रों के परिणामों का हवाला देते हुए भाजपा के लिए इसे चेतावनी बताया।
पांच सूत्रीय मांगों पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी
कौशिक ने कहा कि यूजीसी रोलबैक सहित पांच सूत्रीय मांगों पर निर्णय नहीं हुआ तो पंचायती राज चुनाव में भी विरोध जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि निकाय चुनाव में जनता ने संकेत दिया है और मांगों की अनदेखी होने पर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन और तेज किया जाएगा। इस अवसर पर स्वर्ण समाज के विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि और युवा मौजूद रहे।