पंजाब को नशामुक्त बनाने के लिए जालंधर प्रशासन और पुलिस ने नशे के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। डिप्टी कमिश्नर वरजीत वालिया और पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह ने शहर के नशे के हॉटस्पॉट इलाकों का दौरा कर जमीनी हालात का जायजा लिया। इस दौरान नशा मुक्ति केंद्र का निरीक्षण कर मरीजों से बातचीत की गई और उनकी समस्याएं सुनी गईं। प्रशासन ने अगले 60 दिनों में इन इलाकों में बदलाव लाने और लोगों की समस्याओं के समाधान का लक्ष्य निर्धारित किया है। हॉटस्पॉट इलाकों में तैनात होंगे वरिष्ठ अधिकारी डिप्टी कमिश्नर वरजीत वालिया ने बताया कि ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के तहत शहर के सभी चिन्हित हॉटस्पॉट इलाकों में पीसीएस और पीपीएस रैंक के अधिकारियों को तैनात किया जा रहा है। ये अधिकारी स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनेंगे और संबंधित विभागों के सहयोग से उनके समाधान के लिए काम करेंगे। उन्होंने कहा कि अगले 60 दिनों के दौरान इन इलाकों की समस्याओं का जमीनी स्तर पर आकलन कर समाधान की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। नशे की समस्या से प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को बढ़ावा देने और लोगों को रोजगार से जोड़ने पर भी ध्यान दिया जाएगा। जालंधर देहात के क्षेत्रों में भी इसी तरह की कार्रवाई की जा रही है। अभियान में शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को शामिल किया गया है, ताकि जरूरतमंद लोगों को आवश्यक सहायता मिल सके। नशा मुक्ति केंद्रों में मरीजों की समस्याएं सुनीं डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि नशा मुक्ति केंद्रों में जाकर मरीजों से बातचीत की जा रही है। इसका उद्देश्य उनकी समस्याओं को समझना, उपचार व्यवस्था में सुधार करना और उन्हें नशे की लत से बाहर निकलने में मदद देना है। प्रशासन का प्रयास है कि नशे से प्रभावित लोगों को उपचार के साथ सामाजिक और आर्थिक रूप से भी सहयोग मिल सके। दो मेडिकल स्टोरों से मिली थीं एक लाख नशीली गोलियां पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह ने बताया कि ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के तहत नशे की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस और अन्य विभाग संयुक्त रूप से कार्रवाई कर रहे हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ हुई बैठक में पंजाब को नशामुक्त बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस कमिश्नर के अनुसार, हाल ही में दो मेडिकल स्टोरों से करीब एक लाख नशीली गोलियां बरामद की गई थीं। इसके बाद संबंधित दुकानों को सील कर दिया गया। उन्होंने कहा कि मामले में नियमानुसार दुकानदारों के लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई भी की जाएगी। प्रशासन और पुलिस नशीली दवाइयों की अवैध बिक्री में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाएंगे। नशे के खिलाफ सहयोग की अपील पुलिस कमिश्नर ने लोगों से अपील की कि वे नशे के खिलाफ अभियान में प्रशासन और पुलिस का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या से निपटने के लिए पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता, उपचार, रोजगार और विकास पर भी ध्यान देना जरूरी है। सामूहिक प्रयासों से ही पंजाब को नशामुक्त बनाने और ‘रंगला पंजाब’ के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है।