लोगों को साफ-सुथरा और सुरक्षित भोजन उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग के फूड सेफ्टी विंग की टीम ने मल्लांवाला क्षेत्र में रेहड़ी संचालकों और उन्हें खाद्य सामग्री सप्लाई करने वाली थोक दुकानों की जांच की। इस दौरान कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के नियमों के बारे में जागरूक करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। जांच के दौरान रेहड़ी संचालकों को भोजन तैयार करते समय साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने, साफ एप्रन पहनने और सिर को ढककर रखने के निर्देश दिए गए। खाद्य पदार्थों को मक्खियों, मच्छरों और अन्य कीटों से बचाने के लिए जालियों और ढक्कनों का इस्तेमाल करने को कहा गया। साथ ही भोजन में बिना अनुमति वाले रंगों और प्रतिबंधित पदार्थों का इस्तेमाल न करने तथा केवल सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण सामग्री से खाद्य पदार्थ तैयार करने की हिदायत दी गई। योग्य कारोबारियों को फूड सेफ्टी रजिस्ट्रेशन या लाइसेंस लेने की जानकारी भी दी गई। टीम ने रेहड़ियों को सामान सप्लाई करने वाली एक दुकान की जांच के दौरान अजीनोमोटो, खाद्य रंग और स्किम्ड मिल्क पाउडर की मौजूदगी पाई। दुकानदार को खाद्य सुरक्षा नियमों के अनुसार इनकी बिक्री सुनिश्चित करने और किसी भी गैर-अनुमोदित पदार्थ की बिक्री से बचने को कहा गया। दूध पाउडर की संभावित दुरुपयोग संबंधी आशंका को देखते हुए उसकी खरीद-बिक्री और सप्लाई का उचित रिकॉर्ड रखने के निर्देश भी दिए गए, ताकि जरूरत पड़ने पर खरीदार और उपयोग संबंधी जानकारी प्राप्त की जा सके। फूड सेफ्टी विंग ने स्पष्ट किया कि खाद्य पदार्थों में मिलावट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भविष्य में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने लोगों से भी संदिग्ध मिलावट की सूचना देने की अपील की।