एशियाई खेलों में भारतीय महिला हॉकी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 43 साल बाद स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने चीन को 1-0 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। भारतीय महिला हॉकी टीम की इस ऐतिहासिक जीत से जहां पूरे देश में खुशी की लहर दौड़ गई, वहीं तरनतारन जिले का गौरव भी बढ़ गया है। भारतीय महिला हॉकी टीम की इस कामयाबी में तरनतारन जिले की बेटी *बलजीत कौर* की उपलब्धि ने पूरे क्षेत्र का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। गांव *कक्का कंडियाला* के एक साधारण मिस्त्री परिवार से ताल्लुक रखने वाली बलजीत कौर ने अपनी मेहनत, लगन और खेल के प्रति समर्पण के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। बलजीत कौर की इस उपलब्धि के बाद तरनतारन जिले के गांवों में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों की ओर से जगह-जगह जश्न मनाया जा रहा है और बलजीत की कामयाबी का स्वागत किया जा रहा है। परिवार और गांववासियों के लिए यह गर्व का क्षण है कि उनके गांव की बेटी ने देश की महिला हॉकी टीम का हिस्सा बनकर एशियाई स्तर पर स्वर्ण पदक हासिल किया है।