फिरोजपुर में मुख्य कृषि अधिकारी बलविंदर सिंह ने जिले के किसानों से अपील की है कि धान की पराली को खेतों में आग न लगाएं। उन्होंने कहा कि पराली का उचित प्रबंधन कर किसान पर्यावरण को प्रदूषण से बचाने के साथ-साथ अपनी जमीन की उर्वरता भी बढ़ा सकते हैं। उन्होंने बताया कि पराली प्रबंधन के लिए मुख्य रूप से दो तरीके अपनाए जा सकते हैं। किसान पराली की गांठें बनाकर इसे खेत से बाहर निकाल सकते हैं या आधुनिक कृषि यंत्रों की सहायता से पराली को खेत में ही मिट्टी में मिला सकते हैं। खेत में पराली मिलाने से मिट्टी में जैविक पदार्थ की मात्रा बढ़ती है और नमी भी बनी रहती है, जिससे अगली फसल के लिए जमीन की गुणवत्ता बेहतर होती है। उन्होंने किसानों से अपील की कि पराली जलाने की बजाय इसके उचित प्रबंधन को प्राथमिकता दें और पर्यावरण संरक्षण में सहयोग करें।