शिक्षक दिवस के मौके पर अमृतसर के निशकाम सेवा पब्लिक स्कूल की अनोखी पहल समाज के लिए मिसाल बन रही है। यहां झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले और सड़कों से कागज व कबाड़ इकट्ठा कर परिवार का गुजारा करने वाले लोगों के बच्चों को शिक्षा दी जा रही है। स्कूल में बच्चों को पढ़ाई के साथ अच्छे संस्कार और बेहतर भविष्य के लिए तैयार करने पर भी जोर दिया जा रहा है। स्कूल के शिक्षक सरदार सिंह ने कहा कि शिक्षक ही आने वाली पीढ़ी की नींव तैयार करते हैं। बच्चों की सोच, व्यवहार, रहन-सहन और देश के प्रति जिम्मेदारी तय करने में शिक्षकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि बच्चों को अच्छी शिक्षा के साथ ईमानदारी, अनुशासन और संस्कार दिए जाएं तो देश को विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ाया जा सकता है। सरदार सिंह ने कहा कि चीन और जापान जैसे देशों की प्रगति में उनकी शिक्षा व्यवस्था और अनुशासन की भी अहम भूमिका रही है। शिक्षक परमात्मा की ओर से मिली अनमोल देन हैं। इतिहास में बड़ी शख्सियतों के जीवन में उनके शिक्षकों का योगदान महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का सम्मान केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि समाज में उन्हें हमेशा उचित सम्मान मिलना चाहिए। निशकाम सेवा पब्लिक स्कूल जैसे प्रयास आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को शिक्षा से जोड़कर उनके लिए बेहतर भविष्य का रास्ता खोल रहे हैं।