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अमृतसर में खुलेआम नशे की बिक्री पर भड़के सांसद विक्रमजीत साहनी, पुलिस कमिश्नर से नाकाबंदी की मांग

राज्यसभा सांसद डॉ. विक्रमजीत सिंह साहनी ने अमृतसर स्थित स्वामी विवेकानंद ड्रग रिहैबिलिटेशन सेंटर का दौरा कर शहर में कथित तौर पर खुलेआम हो रही नशे की बिक्री पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि एक ओर युवाओं को नशे से बाहर निकालने के लिए पुनर्वास और सरकारी ओओएटी सेंटर चलाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मजीठा रोड पर चिट्टा और नशीली गोलियां बिकने की शिकायतें सामने आ रही हैं। साहनी ने बताया कि स्वामी विवेकानंद रिहैब सेंटर पिछले 15 वर्षों से पूरी तरह नि:शुल्क चल रहा है और अब तक हजारों युवाओं का पुनर्वास किया जा चुका है। सेंटर में योग, ध्यान, काउंसलिंग के साथ इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर, मोबाइल रिपेयरिंग और शेफ जैसे तकनीकी प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं। युवतियों के लिए ब्यूटी-वेलनेस और जूनियर नर्सिंग के कोर्स भी संचालित किए जा रहे हैं। सांसद ने स्थानीय लोगों की शिकायतों का हवाला देते हुए कहा कि सेंटर और अस्पताल के सामने मजीठा रोड पर सुबह के समय नशीली गोलियां और चिट्टा बेचने की शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने पुलिस कमिश्नर और डिप्टी कमिश्नर से फोन पर बात कर क्षेत्र में स्थायी नाकाबंदी तथा नशा बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। साहनी ने चेतावनी दी कि एक महीने में ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो वह यह मुद्दा संसद में उठाएंगे। उन्होंने खालसा कॉलेज के गेट के सामने स्थित शराब के ठेके पर भी आपत्ति जताते हुए प्रशासन से नियमों की जांच और कार्रवाई की मांग की। साहनी ने कहा कि नशे की समस्या अब केवल बेरोजगार युवाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि डिग्रीधारी और विदेशों में काम करने वाले युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। उन्होंने नशा छोड़ चुके युवाओं को रोजगार से जोड़ने की जरूरत पर भी जोर दिया।

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