शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) और शिरोमणि अकाली दल के मौजूदा प्रबंधों में लगातार आ रहे कथित गिरावट पर कर्नैल सिंह पीर मोहम्मद ने गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि 14 दिसंबर 1920 को स्थापित शिरोमणि अकाली दल को जिन चुनौतियों का सामना करना पड़ा था, 106 साल बाद आज वही चुनौतियां अलग-अलग रूपों में सामने आ रही हैं। पीर मोहम्मद ने कहा कि मौजूदा समय में एसजीपीसी के प्रबंधों में जो गिरावट दिखाई दे रही है, उसके लिए प्रमुख पदाधिकारियों को अपनी जिम्मेदारी और जवाबदेही स्वीकार करनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब किसी बड़ी घटना के बाद कमेटी खुद जांच कमेटी गठित करती है और बाद में उसके अध्यक्ष की ओर से सीबीआई जांच की मांग की जाती है तथा अपनी जांच वापस लेने की बात कही जाती है, तो इससे संस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने एसजीपीसी अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी से अपील की कि वह आगामी 15 दिनों में मामले की वास्तविकता सार्वजनिक करें। ऐसा न होने पर उन्होंने पद से इस्तीफा देने की मांग की।