उमरिया जिले से लगे घुनघुटी वन परिक्षेत्र में इन दिनों बाघों की आवाजाही बढ़ने से लोगों में दहशत का माहौल है। राष्ट्रीय राजमार्ग-43 पर घुनघुटी और शहडोल के बीच ऋतुवन ढाबा के पास एक बाघ सड़क पार करता दिखाई दिया। बाघ को देखते ही राहगीरों ने अपने मोबाइल फोन से उसका वीडियो बनाना शुरू कर दिया। लगातार लोगों को अपनी ओर आते और वीडियो बनाते देख बाघ आक्रामक नजर आया और मुंह खोलकर लोगों की ओर दौड़ने लगा। बाघ के अचानक इस तरह दौड़ने से मौके पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया और राहगीर अपनी जान बचाने के लिए पीछे हटते नजर आए।
सड़क पार करता हुआ दिखाई दिया बाघ
बताया जा रहा है कि यह वीडियो शुक्रवार शाम का है, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में बाघ हरे-भरे जंगल से निकलकर राष्ट्रीय राजमार्ग की ओर आता और सड़क पार करता दिखाई दे रहा है। बाघ को देखने के लिए सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। कुछ लोग सुरक्षित दूरी बनाए रखने के बजाय मोबाइल से वीडियो बनाने में जुटे रहे। इसी दौरान बाघ ने लोगों की ओर मुंह खोलकर दौड़ लगाई, जिससे वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
घुनघुटी क्षेत्र में लगातार दिख रहा बाघों का मूवमेंट
स्थानीय लोगों के अनुसार, घुनघुटी क्षेत्र के आसपास पिछले कुछ समय से बाघों का मूवमेंट लगातार देखा जा रहा है। घुनघुटी से शहडोल के बीच हरे-भरे जंगलों के आसपास बाघों की आवाजाही बनी हुई है। इसके अलावा शहडोल-मजगामा से घुनघुटी के बीच तथा घुनघुटी से जुमड़ी, पतनार खुर्द और आसपास के जंगलों की ओर भी बाघों के आने-जाने की जानकारी सामने आती रही है। घुनघुटी से गांधीग्राम के बीच भी बाघ की मौजूदगी देखे जाने की बात स्थानीय लोग बता रहे हैं।
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बाघ के नजदीक जाना पड़ सकता है भारी
वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, सड़क पर बाघ दिखाई देने की स्थिति में उसके नजदीक जाना, रास्ता रोकना या वीडियो बनाने के लिए भीड़ लगाना बेहद खतरनाक हो सकता है। बाघ को खतरा महसूस होने पर वह आक्रामक व्यवहार कर सकता है। ऐसे में राहगीरों को सुरक्षित दूरी बनाए रखते हुए तत्काल क्षेत्र से हट जाना चाहिए।
एनएच-43 पर निगरानी बढ़ाने की मांग
लगातार बढ़ रहे बाघों के मूवमेंट को देखते हुए स्थानीय लोगों ने वन विभाग से NH-43 और आसपास के जंगल क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने की मांग की है। उनका कहना है कि हाईवे पर बाघों की आवाजाही से किसी भी समय बड़ी दुर्घटना या मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति बन सकती है। वन विभाग का ध्यान इस ओर आकर्षित कराया गया है, ताकि समय रहते आवश्यक सुरक्षा इंतजाम किए जा सकें।