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Umaria News: राखी बांधते ही भर आईं आंखें, उमरिया जेल में सलाखों के बीच दिखा भाई-बहन का अटूट प्यार

Fri, 28 Aug 2026 04:05 PM IST
उमरिया ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उमरिया

रक्षाबंधन के पावन पर्व पर उमरिया जिला जेल में शुक्रवार को भावनाओं का ऐसा संगम देखने को मिला, जिसने माहौल को बेहद मार्मिक बना दिया। जेल की ऊंची दीवारें और लोहे की सलाखें भाई-बहन के रिश्ते के बीच दीवार नहीं बन सकीं। बंदी भाइयों से मिलने पहुंची बहनों ने उनकी कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा, माथे पर तिलक लगाया और मिठाई खिलाकर उनके अच्छे भविष्य की कामना की। इस दौरान कई भाई-बहनों की आंखों से खुशी और भावुकता के आंसू छलक पड़े।

हाथों में राखी और मिठाई लेकर पहुंचीं बहनें
रक्षाबंधन को लेकर जिला जेल प्रशासन द्वारा बंदियों और उनकी बहनों की मुलाकात के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी। शुक्रवार सुबह से ही जेल के मुख्य द्वार पर बहनों की आवाजाही शुरू हो गई। कोई हाथ में रंग-बिरंगी राखी लेकर पहुंची तो किसी के हाथ में मिठाई और तिलक की थाली थी। मुलाकात की निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद बहनों को अपने भाइयों से मिलने का अवसर मिला। लंबे समय बाद भाई को सामने देखकर कई बहनों की आंखें नम हो गईं। कुछ बहनों ने भाई की कलाई पर राखी बांधते हुए उन्हें हिम्मत दी तो कुछ ने परिवार की कुशलक्षेम बताकर उनका मनोबल बढ़ाया।

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रक्षा सूत्र बांधते ही छलकी भावनाएं
भाई की कलाई पर राखी बांधने का पल सबसे भावुक रहा। बहनों ने भाइयों के माथे पर तिलक लगाया और मिठाई खिलाकर उनकी लंबी उम्र व अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। वहीं भाइयों ने भी बहनों को आशीर्वाद दिया और उनके सुखी जीवन की कामना की। कई परिवारों के लिए यह मुलाकात केवल त्योहार मनाने का अवसर नहीं थी, बल्कि अपनों से कुछ समय साथ बिताने की भावनात्मक जरूरत भी थी। मुलाकात के दौरान भाई-बहन एक-दूसरे से परिवार की बातें करते और मुश्किल समय में हिम्मत बनाए रखने की बात कहते नजर आए।

सुरक्षा के बीच दिखी त्योहार की खुशियां
जेल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था के बीच रक्षाबंधन की खुशियां साफ नजर आईं। जेल प्रशासन ने मुलाकात के दौरान निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं का पालन कराया। इसके बावजूद बंदियों और उनके परिजनों को त्योहार की भावना के अनुरूप एक-दूसरे से मिलने का अवसर दिया गया। जेल प्रशासन की इस पहल से बहनों में भी खुशी दिखाई दी। उन्होंने कहा कि जेल में बंद भाई को राखी बांधना उनके लिए बेहद भावुक पल था। परिस्थितियां भले ही अलग हों, लेकिन भाई-बहन का रिश्ता इन सबसे ऊपर है।

परिवार से जुड़ाव बंदियों के लिए सकारात्मक संदेश
जेल अधीक्षक ने बताया कि त्योहारों के अवसर पर बंदियों को अपने परिजनों से मिलने का अवसर मिलने से उनमें सकारात्मक भावनाएं विकसित होती हैं। परिवार से जुड़ाव उन्हें मानसिक रूप से मजबूत करने में सहायक होता है और सुधार की दिशा में भी सकारात्मक प्रभाव डालता है। 

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