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सीहोर: बुधनी अस्पताल में एसडीएम की दबिश से हड़कंप, बीएमओ गायब; कई कमरों पर लटके मिले ताले

Wed, 23 Sep 2026 07:58 PM IST
सीहोर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर

सीहोर जिले के बुधनी के सिविल अस्पताल में बुधवार को प्रशासनिक कार्रवाई की ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था के दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। शिकायतों के बीच एसडीएम संजीव कुमार ने अस्पताल में औचक निरीक्षण किया तो ड्यूटी व्यवस्था से लेकर सफाई और मरीजों की सुविधाओं तक कई खामियां सामने आईं। निरीक्षण के दौरान बीएमओ डॉ. धनजीत बड़ोदिया समेत कुछ डॉक्टर और कर्मचारी मौके पर मौजूद नहीं मिले। अस्पताल के कई महत्वपूर्ण कमरों पर ताले लटके मिले और ड्यूटी चार्ट भी अपडेट नहीं पाया गया।

एसडीएम पहुंचे तो खुल गई व्यवस्था की परतें
औचक निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने अस्पताल के विभिन्न हिस्सों का जायजा लिया। ड्यूटी के समय जिम्मेदार कर्मचारियों की गैरमौजूदगी और बंद कमरों की स्थिति ने अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए। निरीक्षण की भनक लगते ही अस्पताल प्रबंधन में हड़कंप की स्थिति बन गई। बताया गया कि बीएमओ के अस्पताल पहुंचने तक एसडीएम निरीक्षण पूरा कर चुके थे।

गैरहाजिर स्टाफ पर कार्रवाई की तैयारी
मौके पर मिली लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम ने अनुपस्थित डॉक्टरों और कर्मचारियों के संबंध में कार्रवाई के लिए सीएमएचओ को पत्र लिखने के निर्देश दिए। प्रशासन ने साफ किया कि स्वास्थ्य केंद्र जैसी संवेदनशील व्यवस्था में ड्यूटी के दौरान कर्मचारियों की गैरमौजूदगी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।



गंदगी और कचरे के ढेर ने खोली सफाई व्यवस्था
निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में गंदगी और कचरे की स्थिति भी सामने आई। एसडीएम ने सफाई व्यवस्था तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए। अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों को बेहतर एवं स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी के बावजूद सफाई व्यवस्था पर सवाल उठना प्रबंधन की कार्यप्रणाली को कठघरे में खड़ा करता है।

मरीजों ने सुनाई इलाज की परेशानी
निरीक्षण के दौरान भर्ती मरीजों, पोषण पुनर्वास केंद्र में मौजूद बच्चों और महिला वार्ड से जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर भी शिकायतें सामने आईं। मरीजों और परिजनों ने इलाज एवं सुविधाओं को लेकर अपनी परेशानियां बताईं। इन शिकायतों ने अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े किए।



एंबुलेंस के नाम पर 500 रुपये वसूली का आरोप
अस्पताल की व्यवस्था को लेकर सबसे गंभीर आरोप रेफर मरीजों को एंबुलेंस उपलब्ध कराने के नाम पर कथित रूप से 500 रुपये लिए जाने का है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इस मुद्दे को अधिकारियों के समक्ष उठाया है। हालांकि, इस आरोप की प्रशासनिक जांच और आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।

मर्चरी और सुविधाओं को लेकर भी सवाल
भाजपा नेता सतीश गुप्ता ने मर्चरी में फ्रीजर की सुविधा नहीं होने तथा कथित वसूली का मुद्दा उठाते हुए उच्चाधिकारियों और विधायक से शिकायत किए जाने की बात कही है। वहीं ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सोनू राजपूत ने अस्पताल प्रबंधन पर मनमानी के आरोप लगाए और मरीजों को पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिलने का दावा किया।

अब कार्रवाई पर टिकी नजर
एसडीएम के औचक निरीक्षण के बाद बुधनी अस्पताल की व्यवस्थाएं सीधे प्रशासन की निगरानी में आ गई हैं। गैरहाजिर कर्मचारियों पर कार्रवाई, सफाई व्यवस्था, ड्यूटी चार्ट और कथित एंबुलेंस वसूली जैसे मामलों में आगे क्या कदम उठते हैं, इस पर नजर रहेगी। प्रशासनिक जांच के निष्कर्ष ही तय करेंगे कि सामने आई शिकायतों में कितनी सच्चाई है।
  मरीजों से बात करते अधिकारी।   

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