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सीहोर: राधाष्टमी पर कुबेरेश्वरधाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, चांदी के कलशों से हुआ राधा-कृष्ण का महाभिषेक

Sat, 19 Sep 2026 08:26 PM IST
सीहोर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर

जिला मुख्यालय के समीप चितावलिया हेमा स्थित निर्माणाधीन मुरली मनोहर और कुबेरेश्वर महादेव मंदिर परिसर शनिवार को राधाष्टमी के पावन पर्व पर श्रद्धा, प्रेम और भक्ति के रंग में रंगा नजर आया। सुबह से ही श्रद्धालुओं के कदम मंदिर की ओर बढ़ते रहे। दिन चढ़ने के साथ मंदिर परिसर राधा-कृष्ण के जयकारों, भजन-कीर्तन और मंत्रोच्चार से गूंज उठा। राधारानी और भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि और परिवार के मंगल की कामना की।

चांदी के कलशों से हुआ राधा-कृष्ण का महाभिषेक
राधाष्टमी के मुख्य आयोजन के तहत राधा-कृष्ण का विधि-विधान से पूजन किया गया। विठलेश सेवा समिति के पंडित विनय मिश्रा, पंडित समीर शुक्ला, कथावाचक पंडित राघव मिश्रा सहित श्रद्धालुओं और सेवकों की मौजूदगी में धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। इसके बाद चांदी के कलशों से राधा-कृष्ण का महाभिषेक किया गया। इस दौरान मंत्रोच्चार और भजन-कीर्तन से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।

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रत्नजड़ित शृंगार ने मोहा श्रद्धालुओं का मन
महाभिषेक के बाद राधारानी और भगवान श्रीकृष्ण का विशेष शृंगार किया गया। चांदी, सोने और रत्नजड़ित पोशाकों तथा आकर्षक आभूषणों से सजे राधा-कृष्ण के दिव्य स्वरूप ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। दर्शन के लिए मंदिर में श्रद्धालुओं की कतार लगी रही। भक्तों ने इसे अपने आराध्य के प्रति प्रेम और समर्पण का अवसर बताया।

56 भोग लगाया, दोपहर 12 बजे हुई महाआरती
राधाष्टमी के अवसर पर भगवान को 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग अर्पित किया गया। दोपहर 11 बजे 56 भोग लगाया गया और इसके बाद दोपहर 12 बजे महाआरती हुई। आरती के दौरान दीपों की रोशनी, घंटियों की ध्वनि और राधा-कृष्ण के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। आयोजन के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसादी का वितरण किया गया।

राधा नाम संकीर्तन में झूमे श्रद्धालु
राधाष्टमी का भावपूर्ण दृश्य राधा नाम संकीर्तन के दौरान देखने को मिला। मथुरा-वृंदावन से आए कलाकारों ने राधा-कृष्ण की भक्ति पर आधारित भजनों की प्रस्तुति दी। हाथों में माला और पुष्प लिए श्रद्धालु राधारानी का स्मरण करते नजर आए। भजनों की मधुर धुन पर अनेक श्रद्धालु झूम उठे और पूरा परिसर ‘राधे-राधे’ के जयघोष से गूंजता रहा।

राधा की आराधना से पूर्ण होती है कृष्ण भक्ति: पंडित प्रदीप मिश्रा
पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि धार्मिक मान्यता के अनुसार राधारानी की आराधना के बिना भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति अधूरी मानी जाती है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार जन्माष्टमी भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का पर्व है, उसी प्रकार राधाष्टमी राधारानी के प्राकट्य उत्सव का पावन अवसर है। उन्होंने कहा कि राधा नाम केवल एक नाम नहीं, बल्कि प्रेम, समर्पण और भक्ति की भावना का प्रतीक माना जाता है। सनातन परंपरा में राधा-कृष्ण की आराधना के माध्यम से प्रेम, विश्वास और समर्पण का संदेश मिलता है। राधारानी का स्मरण भक्त की साधना में प्रेम का भाव जोड़ता है और कृष्ण भक्ति को पूर्णता प्रदान करता है।

राधाष्टमी से महालक्ष्मी व्रत का भी धार्मिक महत्व
पंडित प्रदीप मिश्रा ने बताया कि धार्मिक मान्यता के अनुसार राधाष्टमी से महालक्ष्मी व्रत का भी आरंभ माना जाता है। इस अवसर पर श्रद्धालु अपनी श्रद्धा के अनुसार व्रत और पूजन करते हैं। महिलाएं परिवार की सुख-समृद्धि, संतान के मंगल और अखंड सौभाग्य की कामना से राधारानी की आराधना करती हैं।

महादेव की आराधना में सेवा और संयम का संदेश
पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि महादेव सनातन जीवन-दर्शन के आधार माने जाते हैं। भगवान शिव की आराधना मनुष्य को त्याग, तपस्या, संयम, करुणा और लोककल्याण की भावना से जोड़ती है। उन्होंने कहा कि शिव भक्ति केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि सेवा, संयम और सद्भाव व्यक्ति के व्यवहार और जीवन में भी दिखाई देना चाहिए।

सुबह से देर शाम तक गूंजते रहे जयकारे
विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि राधाष्टमी पर सुबह से ही मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन का दौर शुरू हो गया था। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सेवक व्यवस्थाओं में जुटे रहे। परिवार के साथ पहुंचे भक्तों ने राधा-कृष्ण के दर्शन किए और मंदिर परिसर में बैठकर भजन-कीर्तन में सहभागिता की।

एक परिसर में तीन दिव्य स्वरूपों के दर्शन
मुरली मनोहर मंदिर को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष आस्था है। मंदिर परिसर में भगवान शिव-पार्वती, भगवान राम-सीता और भगवान कृष्ण-राधा की प्रतिमाएं विराजमान हैं। राधाष्टमी पर विशेष श्रृंगार और पूजन के कारण मंदिर परिसर का आध्यात्मिक स्वरूप और भी मनोहारी नजर आया। श्रद्धालुओं ने तीनों दिव्य स्वरूपों के दर्शन कर पूजा-अर्चना की।

रविवार को होगी कुबेर भंडारी गणेश उत्सव समिति की महाआरती
राधाष्टमी के बाद रविवार को भी कुबेरेश्वरधाम में धार्मिक आयोजन जारी रहेंगे। कुबेर भंडारी गणेश उत्सव समिति की ओर से शाम 7 बजे महाआरती का आयोजन किया जाएगा। आयोजन में पंडित विनय मिश्रा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। समिति ने श्रद्धालुओं से महाआरती में शामिल होकर भगवान के दर्शन और पूजन का लाभ लेने का आग्रह किया है।

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