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ओबीसी आरक्षण पर सियासी संग्राम: भाजपा बोली- कमलनाथ की आधी-अधूरी तैयारी का खामियाजा भुगत रहा पिछड़ा वर्ग

Sat, 10 Oct 2026 07:51 AM IST
खंडवा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खंडवा

मध्य प्रदेश में ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर सियासी घमासान तेज हो गया है। जबलपुर हाईकोर्ट द्वारा ओबीसी आरक्षण से जुड़े मामले में सरकार की याचिका खारिज किए जाने के बाद कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा ने पलटवार किया है। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष और संभाग प्रभारी सुरेंद्र शर्मा ने इस पूरे मामले के लिए पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 में बिना पर्याप्त तैयारी के ओबीसी आरक्षण का मुद्दा आगे बढ़ाया गया, जिसका खामियाजा आज प्रदेश और पिछड़े वर्ग को भुगतना पड़ रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि न्यायालय के आदेश की प्रति मिलने के बाद राज्य सरकार उसकी समीक्षा करेगी और ओबीसी वर्ग के हितों की रक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएगी।

'झूठ बोलना कांग्रेस की पुरानी आदत'
भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा देर रात खंडवा पहुंचे। यहां मीडिया से चर्चा के दौरान उन्होंने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि भ्रम फैलाना और झूठ बोलना कांग्रेस की पुरानी आदत है। उन्होंने कहा कि अदालत में जो स्थिति बनी है, उसके लिए कांग्रेस और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ जिम्मेदार हैं। शर्मा ने कहा कि वर्ष 2019 में कमलनाथ की सरकार थी। उस समय बिना पूर्व तैयारी के ओबीसी आरक्षण का मुद्दा आगे बढ़ाया गया। आज उसी आधी-अधूरी तैयारी का दुष्परिणाम मध्य प्रदेश और पूरे पिछड़े वर्ग को भुगतना पड़ रहा है।

पढ़ें: हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, 27% आरक्षण रद्द; 13% होल्ड पदों पर तीन महीने में होगी भर्ती

भाजपा ने गिनाए ओबीसी वर्ग के लिए किए गए काम
सुरेंद्र शर्मा ने कांग्रेस पर पिछड़े वर्ग की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि वर्ष 1955 में डीबी कालेलकर समिति का गठन किया गया था, लेकिन कांग्रेस ने कई दशकों तक उसकी सिफारिशों पर विचार नहीं किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र में सरकार बनने के बाद पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया गया। शर्मा ने मंडल आयोग की सिफारिशों का जिक्र करते हुए कहा कि इन्हें केंद्र में वीपी सिंह के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान लागू किया गया था, जिसे भाजपा का समर्थन प्राप्त था।

'भाजपा ने मध्य प्रदेश को दिए चार ओबीसी मुख्यमंत्री'
कांग्रेस की कथनी और करनी पर सवाल उठाते हुए भाजपा नेता ने कहा कि मध्य प्रदेश में भाजपा ने उमा भारती, बाबूलाल गौर, शिवराज सिंह चौहान और डॉ. मोहन यादव के रूप में चार पिछड़े वर्ग के नेताओं को मुख्यमंत्री बनाया है। उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि उसने अब तक प्रदेश में किसी पिछड़े वर्ग के नेता को मुख्यमंत्री बनाया है या नहीं। शर्मा ने हिमाचल प्रदेश का उदाहरण देते हुए दावा किया कि वहां कांग्रेस की सरकार होने के बावजूद ओबीसी वर्ग को 18 प्रतिशत आरक्षण मिल रहा है।

आदेश की प्रति मिलने पर समीक्षा करेगी मोहन सरकार
जबलपुर हाईकोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए सुरेंद्र शर्मा ने कहा कि फैसला सरकार के पक्ष में नहीं आया है, लेकिन सरकार अभी आदेश की प्रति मिलने का इंतजार कर रही है। उन्होंने कहा कि आदेश की प्रति उपलब्ध होने के बाद उसका विस्तार से अध्ययन और समीक्षा की जाएगी। शर्मा ने कहा कि जिस वर्ग का जो अधिकार है, उसकी रक्षा डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ करेगी।

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