मध्यप्रदेश के कटनी जिले में तेंदुए के शिकार मामले में वन विभाग ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूरा मामला रीठी वन परिक्षेत्र अंतर्गत देवरी बीट का बताया गया है, जहां तालाब से लगे हिस्से में करीब चार वर्षीय वयस्क नर तेंदुआ मृत अवस्था में मिला है। ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और डॉग स्क्वॉड के साथ आस-पास के इलाके में सघन जांच और मिले सुरागों के आधार पर दो संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
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कटनी वन मंडल अधिकारी गर्वित गंगवार ने बताया कि देवरी बीट से लगे तालाब के पास तेंदुए का शव मिलने की सूचना के बाद वन विभाग ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। टीम ने घटनास्थल के साथ तालाब के आस-पास के इलाके की जांच की। इस दौरान डॉग स्क्वॉड की मदद से भी संभावित सुराग तलाशे गए। जांच आगे बढ़ने पर वन विभाग को खेत से लगी तारबाड़ी में शिकार से जुड़े अहम सुराग मिले, जिसके आधार पर आरोपी गंगाराम रजक और पंसारी आदिवासी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई थी।
जांच में सामने आया कि जंगल और खेत से लगे इलाके में वन्यजीवों के शिकार के लिए तार का फंदा लगाया गया था। इसी फंदे की चपेट में तेंदुआ आ गया और उसकी दम घुटने से मौत हो गई। मामले में वन विभाग ने दोनों आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया है फिलहाल वन विभाग पूरे मामले की जांच कर रहा है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि शिकार के लिए लगाए गए फंदे के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल थे।