सोमवार को करीब एक बजे जिलाधिकारी लखनऊ का काफिला बाढ़ प्रभावित गांव सुल्तानपुर बहादुरपुर और हीरा जाने वाली सड़क तक पहुंचा। सड़क पर बाढ़ का पानी देखकर काफिला गांव के अंदर गए बिना वापस लौट गया। इससे किसानों में नाराजगी है। किसानों का कहना है कि यदि अधिकारी बाढ़ की वास्तविक स्थिति और उनकी परेशानी देखना चाहते हैं तो गांव के अंदर आकर हालात देखें। किसानों के मुताबिक, उनकी फसलें दोबारा पानी में डूब गई हैं। वहीं, मवेशियों के लिए चारा भी नहीं बचा है। चारा पहुंचाने के लिए लोगों को कमर तक पानी में उतरकर जाना पड़ रहा है। नाराज किसानों ने प्रशासन से 100 फीसदी फसल नुकसान का मुआवजा देने, पुलिया का निर्माण कराने और बाढ़ में बर्बाद हुई फसलों के लिए मुआवजे की राशि बढ़ाने की मांग की है।