राजधानी लखनऊ के पारा इलाके में बुद्धेश्वर-भपटामऊ के पास हरदोई-कानपुर रिंग रोड पर शुक्रवार देर रात करीब साढ़े 12 बजे बाइक सवार को बचाने के प्रयास में तेज रफ्तार एसी बस अनियंत्रित होकर फ्लाईओवर के डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर के बाद बस के अगले हिस्से में आग लग गई। कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरी बस धू-धूकर जलने लगी। सूचना पर पहुंचे दमकलकर्मियों ने करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। एसीपी शकील अहमद के मुताबिक,फायर स्टेशन चौक को बुद्धेश्वर-कानपुर-हरदोई रिंग रोड पर उत्कर्ष लॉन के सामने एसी बस में आग लगने की सूचना मिली थी। चौक से तीन और आलमबाग से दो फायर टैंकर मौके पर भेजे गए। दमकलकर्मियों ने बस को चारों तरफ से घेरकर पानी की बौछार कर आग बुझाई। इसके बाद बस के अंदर पूरी तरह तलाशी ली गई, लेकिन कोई फंसा नहीं मिला।पुलिस जांच में बस चालक हरदोई के संडीला के सहिगवा लालपुर गांव निवासी सुदेश कुमार और परिचालक प्रतापगढ़ के कुंडा के हरदत्त गांव निवासी दीपक पांडेय के बारे में जानकारी मिली। चालक-परिचालक के अनुसार बस कांट्रेक्ट पर आलमबाग बस डिपो में लगी थी। तकनीकी खराबी के कारण उसे मरम्मत के लिए इटौंजा ले जाया जा रहा था। शुक्रवार देर रात बुद्धेश्वर-भपटामऊ ओवरब्रिज पर चढ़ते समय अचानक सामने बाइक सवार आ गया। उसे बचाने के प्रयास में चालक ने बस को मोड़ा, जिससे बस अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर के बाद बस के अगले हिस्से में आग लग गई। चालक और परिचालक समय रहते बस से बाहर निकल गए।कुछ ही देर में आग ने बस के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। बस के डिवाइडर से टकराने के कारण आग लगने की संभावना जताई जा रही है, हालांकि आग के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। दमकलकर्मियों के मौके पर पहुंचने के समय बस में चालक, परिचालक और कोई यात्री मौजूद नहीं था। बस की तलाशी में भी कोई व्यक्ति अंदर फंसा नहीं मिला। इस वजह से शुरुआती तौर पर यह स्पष्ट नहीं हो सका कि बस हादसे के समय कहां से कहां जा रही थी और उसमें कितने यात्री सवार थे।एसीपी के मुताबिक बस का नंबर यूपी 25 एफटी 9230 है। शनिवार शाम तक पुलिस को घटना के संबंध में कोई लिखित शिकायत नहीं मिली थी। पुलिस आग लगने के कारणों और हादसे से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।