जेल में बंदियों की मानसिक परेशानी और तनाव को दूर करने के लिए अब उन्हें परामर्श और भावनात्मक सहारा मिलेगा। लखनऊ में जिला कारागार में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के सहयोग से मनोसामाजिक सेवा केंद्र शुरू किया गया है। महानिदेशक कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं पीसी मीना ने बृहस्पतिवार को जेल में केंद्र का शुभारंभ किया। इस दौरान डीआईजी कारागार लखनऊ परिक्षेत्र डॉ. रामधनी भी मौजूद रहे। डीजी ने बताया केंद्र में बंदियों को मानसिक स्वास्थ्य संबंधी मदद, मनोसामाजिक परामर्श और भावनात्मक सहयोग दिया जाएगा। साथ ही जेल से बाहर निकलने के बाद समाज में दोबारा घुलने-मिलने और सामान्य जीवन शुरू करने के लिए भी सहायता मिलेगी। विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों ने बंदियों को केंद्र की सुविधाओं और उद्देश्यों की जानकारी दी। इसके बाद डीजी ने जेल अस्पताल वार्ड का निरीक्षण कर बंदी मरीजों से बातचीत की और फल बांटे। महिला बैरक पहुंचकर बंदियों की समस्याएं सुनीं। महिला बंदियों के साथ रह रहे बच्चों को भी फल वितरित किए। इस मौके पर वरिष्ठ जेल अधीक्षक राजेंद्र कुमार जायसवाल, जेलर ऋत्विक प्रियदर्शी, अभय शुक्ला, सुनील दत्त मिश्रा, डिप्टी जेलर कुंवर वीरेंद्र विक्रम सिंह, आशुतोष मिश्रा, अजय कुलवंत और राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के दीपेंद्र सिंह, शक्ति प्रकाश व देविका राजे समेत जेल अधिकारी मौजूद रहे।