कजरी तीज पर भगवान शिव के जलाभिषेक की आस्था रविवार को सरयू घाट से लेकर शिवालयों तक दिखाई दी। भोर से ही करनैलगंज के सरयू घाट पर कांवड़ियों का पहुंचना शुरू हो गया। देखते ही देखते घाट पर भगवा वस्त्रों और कांवड़ियों की कतारें नजर आने लगीं। हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारों से सरयू घाट गूंज उठा। दूर-दराज क्षेत्रों से पहुंचे शिवभक्तों ने पहले सरयू में स्नान किया। इसके बाद पूजा-अर्चना कर पवित्र जल कांवड़ में भरा। कांवड़ में जल भरते ही शिवभक्त अपने-अपने जत्थों के साथ मंदिरों की ओर रवाना हो गए। कंधे पर कांवड़, हाथों में भगवा ध्वज और जुबां पर भोलेनाथ के जयकारे लिए कांवड़िये पूरे उत्साह के साथ आगे बढ़ते रहे। सरयू घाट से शुरू हुई यात्रा का सिलसिला शहर के दुखहरणनाथ मंदिर और खरगूपुर के ऐतिहासिक पृथ्वीनाथ मंदिर तक पहुंचा। रास्ते में कांवड़ियों के जत्थे दिखाई देते रहे। कई स्थानों पर स्थानीय लोगों ने शिवभक्तों का स्वागत किया। कांवड़ यात्रा के मार्ग पर श्रद्धालुओं के लिए पानी समेत अन्य सुविधाओं की व्यवस्था भी की गई।