राजधानी लखनऊ में रविवार को प्रेस वार्ता में सीएम योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष को निशाने पर लिया। एसआईआर को लेकर कांग्रेस, सपा और आरजेडी की बयानबाजी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और विपक्षी दल अपने राजनीतिक हितों के लिए भारत की संवैधानिक संस्थाओं को नुकसान पहुंचाने और लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने वाली हर साज़िश का हिस्सा बनते रहे हैं। सीएम ने कहा कि विपक्ष का रवैया हमेशा से ऐसा रहा है। इससे दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को नुकसान पहुंच सकता है। यह हैरानी की बात है कि देश की मुख्य विपक्षी पार्टी और यूपीए गठबंधन से जुड़े अन्य दलों के मौजूदा काम और बयान बेहद गैर-जिम्मेदाराना हैं। साथ ही लोकतांत्रिक मूल्यों को नुकसान पहुंचाने वाले हैं। उन्होंने कहा कि पहले भी एसआईआर हुए हैं। 1952, 1962, 2003 में एसआईआर हुआ। इस बार एसआईआर को लेकर जितनी हायतौबा कांग्रेस, सपा, आरजेडी ने मचाई वो दुर्भाग्यपूर्ण है। इलेक्शन जीत जाएं तो इनका पुरुषार्थ और अगर जनता इनको खारिज कर दे तो इलेक्शन कमीशन, ईवीएम दोषी। यह कितना जायज है। राहुल गांधी ने कैंब्रिज में भारत की न्यायपालिका को कटघरे में खड़ा करने का प्रयास किया। जिस ईवीएम से कांग्रेस की देश और कई राज्यों में सरकार बनी उसे ब्लैक बॉक्स कहना दुर्भाग्यपूर्ण है।