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राष्ट्रीय लोक अदालत में समझौता बनेगा यादगार, साथी के नाम पर लगाएंगे पौधा

संवाद न्यूज एजेंसी ललितपुर। 12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न प्रकृति के वादों में होने वाले समझौतों को इस बार अनूठे तरीके से यादगार बनाया जाएगा। समझौता करने वाले पक्ष के नाम पर पौधा लगाकर उसे ‘एक पेड़ साथी के नाम’ अभियान से जोड़ा जाएगा। इसके माध्यम से वादों के निस्तारण के साथ ही पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया जाएगा। न्यायिक अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि राष्ट्रीय लोक अदालत में आपसी सहमति से विवाद का समाधान कराएं। लोक अदालत में समझौते से न किसी की जीत होती है और न किसी की हार, बल्कि दोनों पक्षों के बीच विवाद का शांतिपूर्ण अंत होता है। एडीजे परिवार कुटुंब न्यायालय नंदप्रताप ओझा ने बताया कि विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से यह सराहनीय और प्रेरणादायक पहल शुरू की गई है। राष्ट्रीय लोक अदालत में मुकदमों के निस्तारण के साथ ‘एक पेड़ साथी के नाम’ अभियान के जरिए पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना न्यायपालिका की सकारात्मक पहल है। लोक अदालत के माध्यम से विवादों के समाधान के कई फायदे हैं। सिविल जज सीनियर डिवीजन रविशंकर गुप्ता ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में समझौता विवाद का सौहार्दपूर्ण अंत है। दोनों पक्ष आपसी सहमति से समाधान पर पहुंचते हैं, जिससे समाज में कटुता कम होती है और आपसी भाईचारा बढ़ता है। इससे समय और धन दोनों की बचत होती है। बार-बार अदालत के चक्कर लगाने और मुकदमेबाजी में होने वाले खर्च से भी राहत मिलती है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव देवप्रिय सारस्वत ने बताया कि लोक अदालत में हुआ समझौता अंतिम होता है। इसके फैसले के खिलाफ अपील का प्रावधान नहीं होता, जिससे विवाद हमेशा के लिए समाप्त हो जाता है। इस बार राष्ट्रीय लोक अदालत में हुए समझौतों की याद में लगाए जाने वाले पौधे आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित उपहार साबित होंगे।

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