संवाद न्यूज एजेंसी झांसी। महाराजा गंगाधर राव और महारानी लक्ष्मीबाई के विवाह का साक्षी रहा प्राचीन गणेश मंदिर एक बार फिर गणेश उत्सव के रंग में रंगने को तैयार है। मंदिर में 14 सितंबर से गणेश उत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। इस दौरान धार्मिक आयोजनों के साथ ही महाराष्ट्रीयन संस्कृति की मनोहारी छटा देखने को मिलेगी। महाराष्ट्रीयन गणेश मंदिर कमेटी के सचिव गजानन खानवलकर ने बताया कि भाद्रपद शुक्ल पक्ष प्रतिपदा से गणेश नवरात्र शुरू होते हैं। मंदिर में श्रद्धालुओं की ओर से अखंड दीप प्रज्वलित कर अथर्वशीर्ष का पाठ किया जाता है। इस वर्ष गणेश नवरात्र 12 सितंबर से शुरू होंगे। वहीं, 14 सितंबर से मंदिर में भगवान गणेश की प्रतिमा विराजमान कर भव्य झांकी सजाई जाएगी। गणेश उत्सव के दौरान भगवान गणेश को मोदक का प्रसाद अर्पित किया जाएगा। इसके अलावा मराठी नाटक, शास्त्रीय गायन, रंगोली और मेहंदी प्रतियोगिता समेत विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उत्सव को लेकर मंदिर में तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। ये कार्यक्रम होंगे 14 सितंबर: निबंध प्रतियोगिता 15 सितंबर: रंगोली प्रतियोगिता और सुंदरकांड पाठ 16 सितंबर: अखंड अथर्वशीर्ष पाठ 17 सितंबर: अंत्याक्षरी प्रतियोगिता 18 सितंबर: चित्रकला प्रतियोगिता एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम 19 सितंबर: भाषण प्रतियोगिता एवं सम्मान समारोह 20 सितंबर: मराठी नाटक